25 जून 2020 - 15:08
भारत में अर्थव्यवस्था संकट का असर दिखने लगा, द हिंदू समेत कई अख़बार कर्मचारियों की छंटनी पर मजबूर

कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए उठाए गए ग़लत क़दमों का सीधा असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर साफ़ दिखाई देने लगा है।

महामारी की रोकथाम के लिए बग़ैर किसी जोजना के देश में लम्बे समय तक लागू किए गए लॉकडाउन की मार से स्वतंत्र मीडिया भी अछूता नहीं है।

सैकड़ों पत्रकारों के वेतन में कटौती के साथ ही अब तक दर्जनों पत्रकार और कर्मचारी अपनी नौकरी से हाथ धो चुके हैं।

द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक़, अंग्रेज़ी भाषा के मशहूर अख़बार द हिंदू ने मुंबई ब्यूरो में 20 पत्रकारों को इस्तीफ़ा देने और ब्यूरो की संपादकीय ज़िम्मेदारियां कम करने का एलान किया है।

142 साल पुराना यह अख़बार गंभीर वित्तीय संकट से गुज़र रहा है। न

कर्नाटक दफ्तर के एक पत्रकार ने बताया कि वहां कम से कम नौ पत्रकारों से इस्तीफ़ा देने को कहा गया है।

वहीं तेलंगाना कार्यालय में क़रीब दस लोगों से नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया है। इनमें हैदराबाद कार्यालय के कर्मचारी और कई ज़िलों के रिपोर्टर शामिल हैं।

कोरोना महामारी के चलते ख़र्चों में कमी करने वाला मीडिया संस्थानों में द हिंदू अकेला नाम नहीं है।

बीते तीन महीनों में इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा अपने विभिन्न ब्यूरो में ख़ूब छंटनी की गई है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने भी अपने कई संस्करण बंद किए हैं।